Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 1, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 1, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 1 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
इदं नियतितः प्राप्तं कर्तव्यं तद्विजन्मनाम् ।
मध्याह्नमुपपन्नं यत्कर्तव्यं नावसीदति ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
मध्याह समय में करने योग्य द्विजातियों का नियमतः प्राप्त कर्तव्य कर्म नष्ट न हो;
इसलिए उसका अनुष्ठान मुझे भी करना चाहिए