Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 13, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 13, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 13 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
एषा सा कथिता राम नभःफलनिपातवत् ।
सुखदा ज्ञानसंप्राप्तिरज्ञानतरुशातनी ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
हे
श्रीरामचन्द्रजी, जनक की आख्यायिका के उदाहरण से विस्तारित, आकाश से फलपतन के तुल्य यह
ज्ञानसंप्राप्ति मैने आपसे कही जो अज्ञानरूपी वृक्ष को उखाड़ फेकनेवाली ओर निरतिशयसुख देनेवाली
हे