Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 13, Verse 6

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 13, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 13 · श्लोक 6

संस्कृत श्लोक

सदा जनकवद्राम सर्वारम्भवदात्मना । प्रज्ञयात्मानमालक्ष्य लक्ष्मीवानुत्तमो भव ॥ ६ ॥

हिन्दी अर्थ

हे श्रीरामचन्द्रजी, अपनी विवेक बुद्धि से अपने को सम्पूर्ण जगत के उत्पत्ति आदि के अधिष्ठानभूत ब्रह्मरूप से जानकर राजा जनक के समान परम पुरुषार्थरूप शोभावाले आप सर्वोत्कृष्ट हो जाड्ये