Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 13, Verse 74
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 13, verse 74 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 13 · श्लोक 74
संस्कृत श्लोक
धीश्चित्तं जीव इत्येताः संकल्पस्यासतो मताः ।
संज्ञाः संकल्पितास्तज्ज्ञैर्न राम परमार्थतः ॥ ७४ ॥
हिन्दी अर्थ
इसी प्रकार और भी उसकी संज्ञाएँ परसिद्ध हैं, ऐसा कहते हैं।
हे श्रीरामचन्द्रजी, असत् संकल्प की बुद्धि, चित्त जीव ये संज्ञा विद्वानों द्वारा कल्पित हैं । परमार्थतः
वे नहीं हैं