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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 15, Verse 25

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 15, verse 25 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 15 · श्लोक 25

संस्कृत श्लोक

अयं त्वमहमित्येव प्रथमं तावदाशये । मां दुराशां महाबाहो संकल्पय तमोमयीम् ॥ २५ ॥

हिन्दी अर्थ

हे महाबाहो, पहले आप अपने चित्त में तुम, मैं, यह, इस दुराशा का अर्थात्‌ सब दुराशाओं के निमित्तभूत तमोमय अभिमान का संकल्प न कीजिये