Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 19, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 19, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 19 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
स ताभ्यां सह पुत्राभ्यां भार्यया च सहैकया ।
उवास सरितस्तीरे तस्मिन्सफलपादपे ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
दीर्घतपा मुनि उन दोनों पुत्रों और
भार्या के साथ फल से लदे हुए वृक्षों से पूर्ण उस गंगातट पर निवास करते थे