Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 19, Verse 12
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 19, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 19 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
मुनेर्बभूवतुस्तस्य पुत्रौ द्वाविन्दुसुन्दरौ ।
पुण्यपावननामानौ द्वौ कचाविव वाक्पतेः ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
उस मुनि के चन्द्रमा के तुल्य सुन्दर पुण्य ओर पावन नाम के दो लड़के थे, यदि बृहस्पति
के कच नाम के दो पुत्र होते, तो उनसे उनकी उपमा हो सकती