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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 20, Verse 10

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 20, verse 10 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 20 · श्लोक 10

संस्कृत श्लोक

बभूवुस्ते सपद्मासु तटीष्वम्भोजिनीषु ते । हंसस्य बन्धवो हंसास्तान्कथं नानुशोचसि ॥ १० ॥

हिन्दी अर्थ

कमलके वनों में और नदियों के तटों पर हंसरूप तुम्हारे हंस बन्धु हुए थे... उनके लिए तुम शोक क्यों नहीं करते ?