Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 20, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 20, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 20 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
बभूवुस्ते सुपुष्पासु स्थलीषु मृगयोनिषु ।
बहवो बन्धवो मार्गास्तान्कथं नानुशोचसि ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
उन भूली हुई वनस्थलिया में तुम्हारे
मृग योनियों में उत्पन्न बहुत से मृग बन्धु हुए थे, उनके लिए तुम शोक क्यों नहीं करते ?