Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 26, Verse 4
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 26, verse 4 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 26 · श्लोक 4
संस्कृत श्लोक
गुरुदेहप्रभाजालपरिमृष्टतनुर्बलिः ।
बुबुधे प्रातरर्कांशुसंबोधितमिवाम्बुजम् ॥ ४ ॥
हिन्दी अर्थ
बलि, जिनका शरीर गुरु की देहप्रभा से सुशोभित था, जैसे प्रातःकालमे
सूर्य की किरणों से विकसित कमल उद्बुद्ध होता है, वैसे ही उठ खड़े हुए