Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 29, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 29, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 29 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
तानालोक्य पुनर्दध्यौ तत्प्रणामाकुलेक्षणः ।
तैः कुलाचलसंकाशैः परिवीतवपुस्त्विदम् ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
उनके प्रणामो से बलि की दृष्टि आकुल
हो गई | कुलाचलों के तुल्य विशाल शरीरवाले दत्यो से धिरे हुए उसने उन्हें देखकर फिर यह विचार
किया