Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 3, Verse 12
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 3, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 3 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
विवेशावनतां तत्र रम्यां दाशरथीं सभाम् ।
हंसयूथानुवलितो राजहंस इवाब्जिनीम् ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे हंसों के झुण्ड से परिवेष्टित राजहंस कमल के तालाब में प्रवेश करता है
वैसे ही विनीत लोगों से पूर्ण राजा दशरथ की मनोहर सभा में उन्होंने प्रवेश किया