Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 34, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 34, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 34 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
किमहं नाम तावत्स्यां योऽस्मिन्भुवनडम्बरे ।
वच्मि गच्छामि तिष्ठामि प्रयत्नेनाहरामि च ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
सारा दृश्य आत्मा के लिए है, इसलिए आत्मा ही प्रधान है, यह निश्चय कर वह आत्मा कौन है, ऐसा
विचार करते हैं।
जो इस संसाररूपी आडम्बर में बोलता हूँ, चलता हूँ, बैठता हूँ और सब उद्योगों से विषयों का
उपभोग करता हूँ वह मैं कौन हूँ, यही विचार पहले मुझे करना चाहिये