Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 36, Verse 73
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 36, verse 73 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 36 · श्लोक 73
संस्कृत श्लोक
यदा वा जातनिर्नष्टं क्रियां वस्तु करिष्यते ।
तदा रमेत लोकोऽयं मालां कृत्वा तडिद्गणैः ॥ ७३ ॥
हिन्दी अर्थ
तो इस पर कहते हैं।
जब उत्पन्न होते ही नष्ट हुई वस्तु अर्थक्रिया करेगी, तो यह लोक बिजलियों से माला बनाकर
आनन्द करेगा । भाव यह है कि बौद्धलोग भी क्षणिक पदार्थो से प्रामाणिक अर्थक्रिया सिद्ध नहीं कर
सकते