Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 38, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 38, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 38 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
प्रह्लादस्य त्वयं देहः पश्चिमः पावनो महान् ।
आकल्पमिह वस्तव्यं देहेनानेन तेन च ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
प्रह्लाद का तो यह शरीर परम पवित्र ओर अन्तिम है। इस देह से वह कल्प पर्यन्त रहेगा