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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 38, Verse 23

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 38, verse 23 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 38 · श्लोक 23

संस्कृत श्लोक

नहि नश्यति सर्गोऽयमेवं सह सुरासुरैः । भविष्यति च तद्द्वन्द्वं तन्मे क्रीडा भविष्यति ॥ २३ ॥

हिन्दी अर्थ

इस प्रकार सुर ओर असुरों के साथ यह सृष्टि नष्ट नहीं होगी तथा सुर ओर असुरो का दन्द युद्ध होगा