Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 38, Verse 26
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 38, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 38 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
तस्मात्प्रयामि पातालं बोधयाम्यसुरेश्वरम् ।
स्थैर्यं यामि न संसारलीलां संपादयाम्यहम् ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
के समान संसारलीला नहीं करता