Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 39, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 39, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 39 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
बभूव संप्रबुद्धात्मा दानवेशः शनैःशनैः ।
मेघावसर उत्फुल्लकदम्ब इव कानने ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
वर्षा ऋतु में वन में फूले हुए कदम्ब की तरह दानवराज प्रह्लाद
धीरे-धीरे प्रबुद्ध हुआ