Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 39, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 39, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 39 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
अथासौ विकसन्नेत्रमनःप्राणवपुर्बभौ ।
अर्धोदित इवादित्ये सरः स्फुरितपङ्कजम् ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे सूर्य के आधे उदित होने पर तालाब में कमलों मे स्फुरण हो जाता है वैसे ही उसके भी
नेत्र, मन, प्राण ओर शरीर विकसित हुए