Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 39, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 39, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 39 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
स्थातव्यमिह देहेन कल्पं यावदनेन ते ।
वयं हि नियतिं विद्मो यथाभूतामनिन्दिताम् ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
हे वत्स, तुम्हे कल्पपर्यन्त इस देह से यहाँ
पर रहना होगा । हम तुम्हारे यथार्थ ओर अगर्हित आयु के नियम को जानते हैं