Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 39, Verse 44
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 39, verse 44 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 39 · श्लोक 44
संस्कृत श्लोक
कामकोपात्मका यस्य स्फूर्जन्त्यजगरास्तनौ ।
अन्तःशुष्कद्रुमस्येव मरण तस्य राजते ॥ ४४ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे
सूखे हुए वृक्ष के खोखले में अजगर फुफकारता है वैसे ही काम क्रोधरूपी अजगर जिसके शरीर में
फुफकारते हैं उसका मरना शोभा देता है