Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 4, Verse 14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 4, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 4 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
इत्युक्तो भूभृता तत्र रामाभिमुखमास्थितः ।
उवाचेदमुदारात्मा वसिष्ठो भगवान्मुनिः ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
राजा के यों कहने पर श्रीरामचन्द्रजी के सामने बैठे हुए, उदारबुद्धि
भगवान श्रीवसिष्ठमुनि ने यों कहना आरम्भ किया