Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 40, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 40, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 40 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
क्षीयते न क्षयं प्राप्ते वर्धमाने न वर्धते ।
न स्पन्दते स्पन्दमाने देहेऽस्मिन्परमेश्वरः ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
इस देह के विनष्ट होने पर परमात्मा का विनाश नहीं होता
है, इसके बढ़ने पर परमात्मा नहीं बढता ओर इसके चेष्टा करने पर चेष्टा नहीं करता