Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 40, Verse 21
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 40, verse 21 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 40 · श्लोक 21
संस्कृत श्लोक
परावबोधविश्रान्तवासनो जगति स्थितिम् ।
अर्धसुप्त इवेहेमां त्वं पश्यात्मस्थया धिया ॥ २१ ॥
हिन्दी अर्थ
परब्रह्म के ज्ञान से वासनारहित हुए तुम
इस जगत् में आत्मनिष्ठ बुद्धि से अर्धसुषुप्त के समान इस राज्यपालन आदि व्यवस्था को देखो