Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 43, Verse 3
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 43, verse 3 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 43 · श्लोक 3
संस्कृत श्लोक
पौरुषेण प्रयत्नेन सर्वमासाद्यते यदि ।
प्रह्लादस्तत्कथं बुद्धो न माधववरं विना ॥ ३ ॥
हिन्दी अर्थ
भगवान्, यदि पौरुष प्रयत्न
से ही सब कुछ प्राप्त होता है, तो प्रह्लाद भगवान् के वर के बिना भी अपने ही पौरुष से क्यों प्रबुद्ध नहीं
हुआ है ? इससे अपने पौरुष से ही सर्वत्र ज्ञान लाभ होता है, ऐसा जो नियम पहले कहा था उसका भंग
हो गया, यह भाव है