Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 46, Verse 21
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 46, verse 21 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 46 · श्लोक 21
संस्कृत श्लोक
तत्रापश्यदसौ सर्वं विषण्णवदनं जनम् ।
जालं कुङ्कुमपुष्पाणां भुक्तमूलमिवाखुना ॥ २१ ॥
हिन्दी अर्थ
वहाँ पर
चूहे ने जिसकी जड़ खा डाली हो ऐसे कुंकुम के फूलों की झाड़ी के समान सब लोगों को उसने उदास
देखा