Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 47, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 47, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 47 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
अवधार्येति तं चित्ते मोहं गाधिर्निनाय सः ।
दिनानि कतिचित्तस्मिन्स्वक एवाश्रमे तदा ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
इस प्रकार गाधि ने चित्त में उस मोह का विचार कर उसी अपने आश्रम में कुछ
दिन बिताये