Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 47, Verse 23
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 47, verse 23 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 47 · श्लोक 23
संस्कृत श्लोक
अस्त्यस्मिन्वसुधापीठे उत्तराशानिकुञ्जके ।
कीरो नामातिविख्यातः श्रीमाञ्जनपदो महान् ॥ २३ ॥
हिन्दी अर्थ
इस भूतल में उत्तर दिशारूपी निकुंज है, उसमें कीर नाम से
विख्यात समृद्ध ओर विशाल देश है