Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 47, Verse 51
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 47, verse 51 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 47 · श्लोक 51
संस्कृत श्लोक
अतिविस्मयमातस्थौ ग्रामकं समुपाययौ ।
उल्लंघ्य म्लेच्छनगरमार्यदेशमिवाध्वगः ॥ ५१ ॥
हिन्दी अर्थ
गाधि को बड़ा आश्चर्य हुआ वह जैसे पथिक म्लेच्छनगर को
लाँघकर आर्यो के देश में जाता है वैसे ही उसके समीपवर्ती कुग्राम में गये