Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 47, Verse 59
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 47, verse 59 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 47 · श्लोक 59
संस्कृत श्लोक
यस्य वृद्धस्य तत्सर्वं कलत्रं मृत्युराच्छिनत् ।
अद्रेः पुष्पफलोपेतं दावो वनमिवानलः ॥ ५९ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे वनाग्नि पर्वत
के पुष्पफल से पूर्ण वन को नष्ट कर देती है वैसे ही काल ने जिस वृद्ध के सारे कुटुम्ब को नष्ट कर
दिया