Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, Verse 22
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 48, verse 22 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 22
संस्कृत श्लोक
अथापश्यत्पुरे तस्मिन्नृपं सबलवाहनम् ।
देवं चक्रधरं विष्णुं मन्दिरान्निर्गतं बहिः ॥ २२ ॥
हिन्दी अर्थ
इसके
अनन्तर गाधि ने उस नगर में बल-वाहन के साथ (सेना अश्वादि के सहित) राजमहल से बाहर निकले
हुए राजा के रूप में चक्रधर भगवान् विष्णु को देखा