Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, Verse 64
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 48, verse 64 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 64
संस्कृत श्लोक
नातिथिर्न च भूतास्ते न कीरास्ते न तत्पुरम् ।
सर्वमेतन्महाबुद्धे व्यामोहाद्दृष्टवानसि ॥ ६४ ॥
हिन्दी अर्थ
न अतिथि है, नवे कीर हैं, न वे भूत हैं और
न वह नगर है। हे महाबुद्धिवाले, यह सब तुमने व्यामोह से (अज्ञान से) देखा है