Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 49, Verse 12
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 49, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 49 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
एकस्यामेव लीलायां रमन्ते बहुबालकाः ।
एकस्यामेव नीलायां वनस्थल्यामिवैणकाः ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
एक ही नीली वनस्थली में मृग के बच्चों के समान बहुत से
बालक एक ही बालू आदि से बनाये हुए गृह, हल, दुर्ग आदि की भ्रमलीला में खेलते हैं