Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 50, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 50, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 50 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
एतां युक्तिं विना दुःखमनन्तमितमात्मनः ।
अस्यां दृष्टौ क्षणादन्तं गतमेवावलोकय ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
इस चित्तनिरोधरूपी उपाय के बिना आत्मा को अनन्त दुःख प्राप्त हुआ हे ।
इस दृष्टि के प्राप्त होने पर उस दुःख को क्षण भर में नष्ट हुआ ही जानिये । यदि मेरे कथन में संशय हो,
तो आप वैसा करके देखिये, यह अर्थ हे