Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 50, Verse 60
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 50, verse 60 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 50 · श्लोक 60
संस्कृत श्लोक
आधिव्याधिविलासेन समाश्वासेन संसृतेः ।
हेयादेयप्रयत्नेन चेतो गच्छति पीनताम् ॥ ६० ॥
हिन्दी अर्थ
आधि (मानसिक व्यथा) ओर व्याधि (शारीरिक
व्यथा) की अभिवृद्धि से, संसार की रमणीयता, चिरस्थायिता आदि के विश्वास से और यह हेय हे यह
उपादेय है इस प्रयत्न से चित्त स्थूलता को प्राप्त होता है