Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, Verse 78
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 54, verse 78 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 54 · श्लोक 78
संस्कृत श्लोक
ते तमूचुर्महात्मानमुद्दालकमुनिं तथा ।
प्रसादेन प्रणामान्नो भगवन्नवलोकय ॥ ७८ ॥
हिन्दी अर्थ
उन सबने उन महात्मा उद्दालक मुनि से कहा : हे भगवान्, आप हमारे प्रणाम से अनुग्रह पूर्ण दृष्टि
से हमको देखिये