Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 55, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 55, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 55 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
एतामालम्ब्य पदवीं समस्तभयनाशिनीम् ।
उद्दालकोऽसाववसद्यावदिच्छं जगद्गृहे ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, समस्त भय का नाश करनेवाली इस पदवी का अवलम्बन करके वे उद्दालक
प्रारब्धकर्मो का क्षय होने तक संसाररूपी घर मेँ रहे