Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 56, Verse 2

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 56, verse 2 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 56 · श्लोक 2

संस्कृत श्लोक

शास्त्रार्थगुरुचेतोभिस्तावत्तावद्विचार्यते । सर्वदृश्यक्षयाभ्यासाद्यावदासाद्यते पदम् ॥ २ ॥

हिन्दी अर्थ

शास्त्र के श्रवण से, पदार्थ तत्त्व के परीक्षण से, गुरुवचनं पर विश्वास से तथा अपने चित्त के शोधन से तब तक विचार करना चाहिये जब तक सब दृश्य के बाध के अभ्यास से परमपद प्राप्त हो जाय