Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 59, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 59, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 59 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
नाहं भोगा न मे भोगा न मे बुद्धीन्द्रियाणि च ।
जडान्यसत्स्वरूपाणि न च बुद्धीन्द्रियाण्यहम् ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
भोग मैं नहीं हूँ और भोग मेरे नहीं
है, मेरी ज्ञानेन्द्रियाँ नहीं हैं और जड़ एवं असत् स्वरूपवाली ज्ञानेन्द्रियाँ मैं नहीं हू