Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 59, Verse 36
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 59, verse 36 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 59 · श्लोक 36
संस्कृत श्लोक
किंचिदेवमिदं नाम चिदाकाशे विराजते ।
नमो नमस्ते निस्तत्त्व दिष्ट्या दृष्टोऽसि सुन्दर ॥ ३६ ॥
हिन्दी अर्थ
अलौकिक चमत्कार से परिपूर्ण यह चिदाकाश
नाम की वस्तु सबका अतिक्रमण कर यानी सबसे परे अपना अस्तित्व रखती है । हे निरतिशयानन्दरूपी
सौन्दर्य से परिपूर्ण, निःशेषतत्त्वरूप निर्गुण चिदाकाश, आपको मेरे बार-बार नमस्कार है, प्रबल सौभाग्य
से मैं आपको देख सका हूँ