Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 59, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 59, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 59 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
देहमात्रमहं मन्ये हस्तपादादिसंयुतम् ।
तदिदं तावदाश्वन्तरलमालोकयाम्यहम् ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
केवल कल्पना के त्यागरूप उपाय से बाह्य विषयों के साथ अपने सम्बन्ध का निरास कर अव
अचेतन होने के कारण देह, इन्द्रिय आदि के साथ भी आत्मा के सम्बन्ध का निरास करने के लिए
आरम्म करते हैं।
हाथ, पैर आदि अवयवों से युक्त केवल देह मैं हूँ, ऐसा हो सकता है अत: इस विषय में भी मैं अपने
भीतर पूर्णरूप से शीघ्र विचार करता हूँ