Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 61, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 61, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 61 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
बभूव पारसीकानां पार्थिवः परवीरहा ।
परिघो नाम विख्यातः परिघः स्यन्दने यथा ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
रथ के अक्ष-दण्ड की (धुरे की) नाई आधारभूत
अथवा रथ में परिघ नामक शस्त्र शत्रुदल के शूर-वीरों का विदलन करने में जैसे अत्यन्त विख्यात है,
वैसा अत्यन्त विख्यात पारसीक देश का एक राजा हुआ। वह बड़े-बड़े शूरवीर शत्रुओं का विनाश कर
देता था । उसका नाम था-परिघ