Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 61, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 61, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 61 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
राघवैकसमाधानबोधितायोजितात्मनोः ।
परस्परं समालापमिमं प्रकथयामि ते ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
उनका परस्पर का सुन्दर संवाद आपसे कहता हूँ