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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 63, Verse 6

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 63, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 63 · श्लोक 6

संस्कृत श्लोक

सारासारपरिच्छेदपारगस्त्वं महाधिया । जानासि सर्वमेवेदं यथास्थितमखण्डितम् ॥ ६ ॥

हिन्दी अर्थ

महाराज, आपने अपनी उत्तम बुद्धि से क्या सार है एवं क्या असार है, इसका विचारपूर्वक निर्णय किया है ओर उसके पारंगत हो गये हैं एवं यह भी जानते हैं कि यह दृश्यमान समस्त प्रपंच एकरूप से अवस्थित अखण्ड परब्रह्मस्वरूप ही हे