Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 65, Verse 23
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 65, verse 23 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 65 · श्लोक 23
संस्कृत श्लोक
विलासभासनामानौ वृद्धिमाययतुः क्रमात् ।
तौ पित्रोः पल्लवे दीर्घे लतापादपयोरिव ॥ २३ ॥
हिन्दी अर्थ
उनके नाम थे - विलास और भास । पिताओं के स्थान में ही वे दोनों क्रमशः लता और वृक्ष
के दीर्घं पल्लवो की नाई बढ़ने लगे