Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 65, Verse 4
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 65, verse 4 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 65 · श्लोक 4
संस्कृत श्लोक
अत्रैवोदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम् ।
संवादं सुहृदो सह्यसानौ भासविलासयोः ॥ ४ ॥
हिन्दी अर्थ
इसी विषय में सह्याद्रि के शिखर पर रहनेवाले
भास ओर विलास नाम के दो विशुद्धात्मा मित्रों के संवादरूपी इस प्राचीन इतिहास का उदाहरण देते
हैं