Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 66, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 66, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 66 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
अयथार्थक्रियारम्भैः कदाशावेशपल्लवैः ।
क्षीयते कर्मभिस्तुच्छैरायुराहतकर्मभिः ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
जिनके फल मिथ्या ही हैं, तथा जो कुत्सित आशाओं के आवेश से पल्लवित है, ऐसे
तुच्छ कर्मो के द्वारा मिथ्या आचरण करनेवाले पुरुष अपनी आयु यों ही नष्ट कर डालते हैं