Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 69, Verse 19

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 69, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 69 · श्लोक 19

इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।

हिन्दी अर्थ

भूमि के अन्दर स्थित जल को अपने अपने मूलो से पीकर तृण, गुल्म, लता आदि अपने अपने विजातीय स्वरूप को जो उत्पन्न करते हैं, वह भी संसक्ति के फल का विस्तार है