Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 69, Verse 27
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 69, verse 27 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 69 · श्लोक 27
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हिन्दी अर्थ
केवल लीला से गौरीरूपी आलान (बन्धन-
स्तम्भ) मेँ आसक्त तथा भस्म से अत्यन्त सुशोभित महादेवजी का शरीर इसी वन्द्या संसक्ति की
सामर्थ्य से अवस्थित हे