Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 69, Verse 41
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 69, verse 41 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 69 · श्लोक 41
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हिन्दी अर्थ
जैसे अग्नि की ज्वाला तिनको को
खा डालती है, वैसे ही तृष्णा इस संसार मे आसक्त मनवाले व्यवहारी जीवों के शरीरो को खा डालती
हे